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जय श्री बालाजी । जय श्री दादोजी । "www.akshaykripa.com" वेबसाईट में दिखाये जाने वाले फोटो तथा विडियो एवं दादोजी श्री अखाराम जी के चमत्कारिक भक्ति, शक्ति और भावनात्मक उल्लेख उनके श्रध्दालुओं की आपबीती घटनाओ से सम्बन्धित है । हम किसी व्यक्ति तथा समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाना नही चाहते है । हम सिर्फ दादोजी के भक्तों की आस्था और मान्यताओं को दिखा रहे है । इसमे हम किसी भी तरह का दावा नही करते है एवं किसी भी व्यक्ति तथा समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचे तो हम क्षमाप्रार्थी है ।

दाधीच समाज के सभी लोगो(बंधुओं ) को आमंत्रित

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आपको यह जानकर प्रसन्नता होगी कि मै आपको एक ऐसी धाम के बारे मे अवगत कराने जा रहा हुँ जहाँ पर आने वाले हर भक्त की मनोकामना श्री अखारामजी दादोजी की कृपा से पुर्ण होती है ।

काफी वर्ष पहले परसनेऊ गांव मेँ श्री अखारामजी महाराज का जन्म पलोङ परिवार दाधीच वंश मेँ पिता श्री हरजी राम जी एवं माताश्री सुखी बाई के घर मेँ भादवा बदी पंचमी के शुभ दिन हुआ । बाल्यकाल मेँ ही वे हनुमानजी महाराज की सेवा करने लगे । उसी समय मे श्री मोहनदासजी महाराज (सालासर) , श्री राघवदासजी महाराज (मीरण) , श्री केशवदासजी महाराज (सारङी) आदि महान सन्त हुये व श्री हनुमानजी महाराज की भक्ति करके जनहित मेँ वरदान व सिद्धियां प्राप्त की ।

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  • ज्‍योतिष दर्शन
  • चरित्र कोई इकाई नहीं, बल्कि सहत्रों इकाइयों का समूह है। काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह के साथ आत्‍मविश्‍वास भी चरित्र का महत्‍वपूर्ण घटक है। आत्‍मविश्‍वास शब्‍द आत्‍म तत्‍व और उस पर विश्‍वास से जुड़कर बना है। जो भी ज्ञान, शक्ति और सामर्थ्‍य है वह इंसान के भीतर ही है। बस उसे पहचानने की जरूरत है। भारतीय ज्ञान विज्ञान में इसी आत्‍मविश्‍वास को पहचानने का प्रयास विभिन्‍न तरीकों से किया गया है। एक आम इंसान की जिंदगी में रोजमर्रा की समस्‍याओं का समाधान भी आत्‍मविश्‍वास के भीरत ही छिपा है।
Akharam Ji : One of most legent person of Dadhich Samaj
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भक्त शिरोमणि श्री दादाजी अखारामजी महाराज परसनेऊ गांव के पास ही नाडिया (तालाब) के समीप कैर व कमुठोँ के पास श्री बालाजी महाराज की धुणी रमाते एवं गायेँ चरातेँ थे ।श्रीदादोजी महाराज को गाँव के नागरिक गुंगीया (भोला) कहकर पुकारते थे ।

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सर्प आदि के जहर व भुतप्रेत आदि के प्रभाव से मुक्ति के लिये भभूति व कलवाणी रुपी औषध का वरदान दिया जिससे आज भी वहां भक्तोँ के दुःख क्षणभर मेँ कट जाते हैँ ।

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श्री दादाजी महाराज के श्राद्ध के प्रसाद(लापसी) की ऐसी मान्यता हैँ की अगर जरा भी लापसी का प्रसाद खाने को मिल जाये तो 12 मास व्यक्ति रोगो से दुर रहता हैँ ।

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श्री दादाजी महाराज के जन्म दिवस भादवा बदी पंचमी एवमं आसोज माह मेँ श्राद्ध (आसोज बदी पंचमी) पंचमी पर परसनेऊ धाम मेँ भव्य मेलोँ का आयोजन

  • श्री दादाजी महाराज को वचन सिद्धि प्रदान की
  • भभूति व कलवाणी रुपी औषध का वरदान
  • गरीबो ,निशक्तो एवमं कमजोरो के दास
  • गाँव मेँ 'अक्षय कृष्ण गौशाला '
  • 'दादा अक्षय विकलांग सेवा संस्थान परसनेऊ '
  • ठहरने के लिये धर्मशाला व जल आदि की उत्तम व्यवस्था
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अपनी अस्थियों का दान करने वाले एकमात्र ऋषि महर्षि दधीचि को माना जाता है। प्रतिवर्ष भादव सुदी अष्टमी को पूरे देश में उनके वंशज माने जाने वाले दाधीच उनकी जंयती धूमधाम से मनाते है।

Dec 2011, Jaipur

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श्री दादाजी महाराज गायेँ चराते थे एवमं गरीबो ,निशक्तो एवमं कमजोरो के दास थे ।

Jan 2012, Barmer

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सपरिवार सिद्धपीठ परसनेऊ धाम पधार कर अपनी मनोकामनाएँ पूर्ण करेँ व श्री दादाजी अखाराम जी महाराज द्वारा चलाई भक्ति की पावन धारा को आगे चलायेँ

March 2012, Chittorgarh

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दधीचि ने कहा कि मै देवलोक की रक्षा के लिए क्या कर सकता हू देवताओ ने उन्हे ब्रहमा विष्णु व महेश की कही बाते बताई तथा उनकी अस्थियो का दान मांगा।

May 2012, Ajmer

Pujari Pariwar
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